बच्चों की नई कहानियां

बच्चों की नई कहानियां

एक लोमड़ी था वह बहुत दिनों से प्यासा था 1 दिन की बात है( बच्चों की नई कहानियां) वहां भटकते भटकते हैं बहुत दूर जा पहुंचा उसका हालत खराब हो गया था अचानक से भटकते भटकते लोमड़ी एक तालाब के पास पहुंचा अपना प्यास बुझाया और लोमड़ी को भूख लग गया था भोजन की तलाश में इधर-उधर भटकने लगा लोमड़ी भटकते हुए एक किसान के खेत में जा पहुंचा किसान ने गन्ना का खेती किया करता था लोमड़ी ने गन्ना खा कर अपना भूख मिटाया हमें या कहानी से शिक्षा मिलती है कि हमें परिश्रम करने से ही फल मिलता है ।

गरीब मछुआरा

बच्चों की नई कहानियां

एक गांव में, अमीर नाम का एक व्यक्ति रहता था वह बहुत ही गरीब था पास में ही उसके एक नदी था उसी नदी से वह रोज मछली मार कर ले जाकर बाजारों में बेचता था हर रोज की तरह इस रोज भी वह मछली मारने के लिए सी नदी के पास पहुंचा।
वह अपनी जान निकाल कर नदी में फेंक ता है लेकिन एक भी मछली नहीं आता है वह फिर से कोशिश करता है फिर भी मछली एक भी नहीं पता है वह दिन भर परिश्रम करते रहा लगभग शाम होने वाला ही था सभी लोग अपगरीब मछुआराने जहां पर बगल में मार रहे थे मछली वह सब बाजार में बचने के लिए चले गए लेकिन ए व्यक्ति को मछली एक भी नहीं । वह जा ही रहा था कि फिर उसके मन में आता है कि एक बार और ट्राई कर लेता हूं फेंक के देखता हूं कि कुछ भी मिल जाए मछली जैसे हीही  सीखता है सबसे ज्यादा उसको चाल में मछली मिल जाता है आज तक वह जितना मछली पकड़ा था उससे कई गुना ज्यादा उसे आज मछली मिल गया और वह जाकर अपने बाजारों में मछली बेचा और बहुत सारे पैसे कमा ली है

इसीलिए बच्चों परिश्रम करने से हमेशा फल मीठा ही मिलता है अब परिश्रम करना कभी नहीं छोड़ना चाहिए

बंदर और लोमड़ी की  दोस्ती

बच्चों की नई कहानियां

1 दिन लोमड़ी को खाना नहीं मिल रहा था वो ढूंढते ढूंढते बीच जंगल में पहुंच जाते हैं तभी उसे एक बंदर दिखता है और बंदर से पूछता है दोस्त बता दो मुझे कुछ खाने के लिए दे दो यार तो बंदर बताता है कि चलो मैं तुझे कुछ खिलाता हूं और बंदर लोमड़ी को ले जाता है का अंगूर के पेड़ के पास उस पैर में अंगूर बहुत लगा हुआ है और लोमड़ी पेट भर के अंगूर खाता है और लोमड़ी बंदर दोनों एक ही साथ रहने लगते हैं और दोस्त बन जाते हैं ऐसे वैसे दोस्त नहीं एक दूसरे की जान के वास्ते दोस्ती बन जाते हैं। 1 दिन फिर से दोनों जाकर भरपेट अंगूर खा लेते हैं और फिर अपने घर के तरफ लौट जाते हैं।
तभी वहां पर किसान आ जाता है जिसका अंगूर था और वह देखता है कि मेरा अंगूर कोई चोरी करके खा रहा है उस चोर को पकड़ना पड़ेगा कौन है यह चोर फिर दूसरे दिन बंदर और लोमड़ी दोनों आते हैं अंगूर खाने के लिए फिर खा कर चले जाते हैं लेकिन किसान नहीं देख पाता है और फिर किसान आता है कहते हैं मेरा फिर से आज किसी ने मोड चोरी करके खा गया मैं क्या करूं तभी उसका एक दोस्त आता है किसान का और उसे बोलता है कि तुम एक दिन यहीं पर रुक जाओ और देखते रहो कि कौन तुम्हारा अंगूर चोरी करता है और किसान ने बोला ठीक है और किसान वहां पर रुक गया और नोखा के छुप गया फिर तीसरे दिन बंदर और लोमड़ी दोनों आते हैं अंगूर खाने के लिए और अंगूर खाने ही वाले थे लोमड़ी तभी किसान उधर से तीर चला देते हैं और बंदर का ध्यान से चला जाता है और बंदर उस तीर को लपक कर अपनी तरफ मोड़ लेता है जिससे उसको पैर में तीर लग जाता है और दोनों किसी तरह वहां से निकल जाते हैं लोमड़ी बंदर को पीठ पर बैठा कर निकल जाते हैं
तो दोस्तों इस कहानी से मैया शिक्षा मिलते हैं कि दोस्ती करो तो बंदर और लोमड़ी जैसे बल्कि ऐसे दोस्त को मत रखो जो अपने काम से काम रखो धन्यवाद आप सभी का
मेरा नाम YUGESH राजा है
मैं इस वेबसाइट के माध्यम से आप सभी को बीते हुए कल के बारे में बताता हूं थोड़ी सी जो सच्चाई होती है मैं उस चीज को यहां पर आप सभी को बता देता हूं