बच्चों की कहानियां

बच्चों की कहानियां

एक लड़का जो अपनी जिंदगी कुछ भी करता कुछ भी सब चीज में वह फेल होता चाहे वह एग्जाम हो मैं इसमें एग्जाम के बारे में बात करूंगा जो एक लड़का अपनी जिंदगी में कितना भी मेहनत कर ले लेकिन वह फेल हो जाता था

लेकिन लड़का कभी भी हिम्मत नहीं हारता और मेहनत करते रहता जब उसका एग्जाम बहुत नजदीक था जाम में उसने मेहनत बहुत किया था लेकिन तब पर भी फेल हो गया तभी लड़का अपने खेत में जाकर बहुत रोता है क्यों बोलता है मैं कितना भी मेहनत करता हूं फिर भी फेल क्यों हो जाता हूं लेकिन लड़का हिम्मत नहीं आता वह कहता है कि मैं फिर से उठा लूंगा और फिर से लड़ना तैयार करूंगा /

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और इस बार लड़का अपनी पूरी जान लगाकर एग्जाम की तैयारी करता है लेकिन लोग उसे बोलते हैं अबे तू तो सब चीज में फेल हो जाता है इस बार भी कुछ नहीं कर पाओगे उसे बोलता था लोग लड़का को बहुत बुरा लगता था जब लड़के को बोलता तैया बात और उसमें हिम्मत बढ़ जाता था कि कुछ कर गुजरने की लेकिन इस बार वह लड़का एग्जाम देने जग जाता है एग्जाम देने के बाद जब रिजल्ट का बात आता है तो वह लड़का पूरे स्टेट में टॉप कर जाता है

इसीलिए दोस्तों फेल होना तो यूं ही नजाज बात नहीं है लेकिन उससे हिम्मत हार कर बैठ जाना बहुत ही गलत बात है मैं कहना चाहूंगा हिम्मत कभी भी नहीं हारना चाहिए इसी लड़के की तरह

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बकरी और खरगोश की दोस्ती
एक बकरी जो कई दिनों से भूखा और प्यासा है पूरी तरह से भूखे हैं वह भूखा घूमते घूमते कई दिन बीत जाते हैं लेकिन उसे पानी नहीं मिलता तभी वह जाते-जाते जंगल में पहुंचता है और वहां पर एक खरगोश था और बकरी उनसे पूछता खरगोश जी क्या कुछ मेरे को पानी मिलेगा और बोलता है खरगोश हां क्यों नहीं चलो मैं तुम्हें नदी के पास ले जाता हूं कई दिनों के बाद बकरी पीती है शाम होने वाले हैं खरगोश कहता उससे की बकरी शाम होने वाली है तुम आज मेरे घर मेरा जाओ कहीं बाहर तुम्हें शेर मार्केट खाना जाए इसीलिए सुबह होने के बाद तुम चले जाना और बकरी भी करता है ठीक है खरगोश जी मैं रह जाता हूं जब सुबह होता है तो बकरी कहता है कि मुझे पानी पीना है चलो पानी पीकर आते हैं और खाना भी कुछ खा लेंगे और खरगोश दोनों जाते हैं पानी पीने के लिए लेकिन जिसका नदी था वह वहां पर घात लगाकर बैठे रहते हैं जैसे बकरी पानी पीने लगता है और नदी वाले उस पर चिड़िया मारने वाली बंदूक से गोली चला देता है लेकिन तभी खरगोश देख लेता है और वह गोली अपने पहले लेता है वह तभी बकरी कहता है उस यार तूने यह क्या किया लेकिन खरगोश घटा तुम भाग जाओ वरना यह और गोली मार देगा तुम्हें भी लेकिन वहां से बकरी हिलता नहीं है और बोलता है बकरी खरगोश को कि तुम मेरे पीठ पर जल्दी से बैठो और यहां से हम निकल जाते हैं और निकलने के बाद वहां पर खरगोश का थोड़ी बकरीद उसे कुछ इलाज कर आता है और खरगोश ठीक हो जाता है तू यह था एक बकरी और खरगोश की कहानी और दोनों दोस्त अच्छे बन जाते हैं और इसी तरह अपने दोनों तो जिंदगी बिताने लगते हैं तभी वह नदी को छोड़ जाते हैं और दूसरी नदी की तरफ पानी पीने जाते हैं जो कि किसी का नहीं है

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