भाई -भाई की कहानी

रुपौली नाम का गांव में ( भाई -भाई की कहानी )दो भाई रहते थे एक का नाम योगेश और दूसरा का नाम आशीष था जोगी दोनों भाई बहुत ही अच्छे थे लेकिन दोनों में थोड़ा लड़ाई लड़ाई झगड़े होते .भाई -भाई की कहानी1 दिन दोनों भाई समुंदर के बीच पड़ गए लेकिन तभी दोनों भाई के बीच में छोटी मोटी सी बात हो जाती है और बड़े भाई ने छोटे भाई को एक था मार देता है हो तभी छोटे भाई रेत में जाकर लिखता है कि आज मेरा भाई मुझे मारा लेकिन तभी बड़ा भाई इतना ध्यान नहीं देता और दोनों घर आ जाते हैं फिर दूसरे दिन दोनों भाई उसी बीच पर जाते हैं और छोटा भाई बीच में नहाने लगते हैं और तभी छोटा भाई डूबने लगता है छोटा भीम उसका बड़ा भाई उसे देख लेता है कि मेरा छोटा भाई और तभी उसे तुरंत पानी में कूदकर अपने छोटे भाई को बचा लेता और जब बचाने के बाद छोटा भाई बाहर आता है तो उस पत्थर पर जाकर लिखता है कि आज मेरा भाई मेरा जान बचाया और तभी उसका भाई पूछता है कि आशीष कल मैंने तुम्हें एक थाप मारा था तो तुमने कल रेत में लिखा और आज मैंने तुम्हारा जान बचाया तो फिर पत्थर पर क्यों लिख रहे हो और तभी छोटा भाई का या कहता है कि यूं छोटा-मोटा लड़ाई वाली बात मैं इसलिए रेत में लिखा ताकि वह जल्दी पानी की लहरों में मिट जाए और मैं यह जान बचाने वाले पत्थर पर इसलिए लिख रहा हूं ताकि यह कभी नहीं मिटे और सभी को या पता चले इसीलिए दोस्तों जिंदगी में छोटी मोटी बात होते रहते हैं .

भाई -भाई की कहानी

छोटी मोटी बात को ना आप पर हित में लिखा करो ताकि वह पानी की लहरों से ना जल्दी मिट जाए और जो अच्छी बात हो ना उसे पत्थरों पर लिखो जो कि सदियों तक रहेगा . कहानी नंबर दोएक गांव में मदन और श्याम नाम का दो भाई रहते थे जो कि दोनों मछुआरे थे और दोनों मछली पकड़ कर अपना जिंदगी गुजारता था 1 दिन हुआ यूं के दोनों के एक साथ मछली पकड़ने लेकिन बड़े भाई ने बहुत मछली पकड़े लेकिन छोटे भाई को एक भी मछली नहीं मिला और जब दोनों समुद्र के किनारे आ जाते हैं सभी बड़े भाई पूछते हैं श्याम तुम्हारे पास तो मछली आज बहुत कम है

ही नहीं एक भी मछली तुम आज एक ऐसे घर में सामान मान लाओगे तभी बोलता है कि मैं क्या कहूं भैया आज तो मेरा किस्मत ही खराब था इसलिए एक भी मछली नहीं मिला मेरा को तभी मदन कहता है कि मैं आज बहुत मछली मारा हूं जो कि मेरे से बहुत गुना ज्यादा है मैं ऐसा करता हूं कि आधा तुम ले लो मेरी मछली और बाजार में बेचना तो मदन आधा दे देता है मछली और दोनों बाजार बेच के ले जाते हैं और चावल दाल समान मान खान के घर लाते हैं lll

भाई -भाई की कहानी

तो बच्चों मैं इसे कहानी चाहिए बताना चाहता हूं कि भाईचारा यह सब जिंदगी में सब कुछ है अगर भाईचारा टूट जाएगा ना तो तीसरे आखिर ना तुम्हें लूट कर चला जाएगा इसी इसलिए कहता हूं कि भाई चढ़ा कभी टूटे ना नहीं चाहिए ! ! जी हां मेरा नाम Yugesh raja राजा है मैं Starthindi.in से मैं बच्चे को प्रेरक कहानी दिखाता हूं और सुनाता हूं और पढ़ाता हूं ताकि बच्चे इस कहानी से कुछ शिक्षक है और अपनी जिंदगी को सही ढंग से जी सके बस आज मैं इतना ही कहता हूं

भाई -भाई की कहानी

धन्यवाद जो भी पढ़ें सभी बच्चे को अगर कुछ गलती हो जाए यहां पर टाइपिंग में तो उसके लिए सॉरी चाहता हूं मैं क्योंकि मैं पास टाइप ही राइटर नहीं है मैं इसलिए वॉइस करके लिखता हूं इसमें थोड़ा गलत गलत हो जाए तो आप सॉरी कर सकते हैं और अपने बच्चे को इस तरह से कहानी सुनाकर से प्रेरक कर सकते हैं

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