लड़का और जंगल

एक लड़का बहुत दिन के बाद ( लड़का और जंगल ) विदेश से घर जा रहे थे वह टिकट कटा के हवाई जहाज में बैठ गए प्लेन उड़ने लगे कुछ देर जाने के बाद एक विशाल जंगल में प्लेन वहां पर बहुत ऊंचाई पर प्लेन में कुछ गड़बड़ी हो गया जिस कारण प्लेन एक नदी में जाकर गिर जाता है सभी प्लेन में लोग बैठे मर जाते हैं पानी में डूब कर लेकिन किसी तरह लड़का पानी से भी पड़ जाता है और प्लेन से निकल कर बाहर आ जाते हैं उसका जान तो बच जाता है अब उसका जंगल में क्या हाल होगा वह भी नहीं जानता ,

लड़का और जंगल

लगभग शाम होने वाला है और लड़के को भूख लग गया तभी नदी में बैठा हुआ लड़का को सामने से एक बैग आता हुआ दिखता है जो उसी का पैक था उसमें कुछ खाने पीने का छेद था जो कि एक टाइम का ही था और उससे बस खाना निकाल कर खा लेते हैं और अंधेरा हो जाता है वह सोने के लिए भी किधर उधर भटकता है मगर कहीं मिलता नहीं है से सोने की अच्छी जगह तो सामने ही एक नारियल का पेड़ जो कि झुका हुआ था और लड़का उस पर जाकर सो जाता है और अब सुबह हो गया.

लड़का और जंगल

और लड़का सुबह उठ कर पहले तो नदी में स्नान करता और फिर जंगल में चले जाता है और उसी अब भूख भी बहुत जोर से लगने लगता है और वह खाने की तलाश में इधर-उधर भटकता है लेकिन कुछ भी नहीं मिलता तभी उसे एक लकड़ी का टुकड़ा दिखता है और वह लकड़ी उठाकर जमीन में खोजने लगता है वह सोच कर कि कुछ खाने की चीज मिल जाए जैसे कि जमीन में कोई फल या कुछ और भी लेकिन तभी जंगली में एक फल मिलता है जो कि आज हम लोग भी खाते हैं और उससे वह मिलता है पहले उसे काटकर वह खाता है और देखता है वह अच्छा लगता है इसलिए वहां पर जितना भी कुछ था बुखार लेता है और सभी अपने उसी बैग में भर लेता है और एक जगह जाकर वह सोचता है इसे कच्चे खाने में तो मजा नहीं आएगा इसे पकाना पड़ेगा और वह आग का तलाश करता है और लकड़ी लेकर और वह पत्थर पर नगर नहीं लगता है लकड़ी को और उस लकड़ी में आग पकड़ लेता और उस लड़का उस फल को पकाने लगता है पकाते ही उसे एक और फल का नजर आ जाता है जो कि बहुत ही मोच आई पर था और वह फल पकाने के लिए छोड़ देता और फटाक से दौड़ते जाते हो चढ़ने पर दो बार जमीन पर भी गिर जाता है लेकिन वह फॉर्म नहीं भर पाता फिर आखरी प्रयास में वह शहर जाता है और फल को तोड़ लेता है .

लड़का और जंगल

इसी तरह बहुत दूर से 3 साल बीत जाता है और उस लड़के को दाढ़ी मौज बाल बहुत पागल की तरह लगने लगता है लेकिन एक दिन होता यूं है वह जंगल से खाना लेकर आ ही रहा था कि उसे 1 वोटों उसकी तरफ आते हुए देखता है और वह वोट था रिसर्च टीम जो कि अलग-अलग चक्कर जगह पर एहसास करता था उस लड़के का नसीब ठीक था जो वह रिसर्च टीम उसे मिल जाता है और तभी वहां पर आता है पता तुम कौन हो इस जंगल में क्या करते हो और तुम यहां आए कैसे और लड़का रोने लगता है और बोलता है मैं तो मैं तो जीना ही छोड़ देता अगर आप लोग नहीं आते और रोने रोते-रोते से सभी बात बताते हैं ऐसे वैसे मेरे साथ होते हैं और वहां पर 2 से 3 दिन तक रुकने के बाद सभी लोग वापस चले जाते हैं और लड़के भी घर जाते हैं घर में देखते हैं कि उसके घर में उसकी मां नहीं है कोई घर में नहीं है क्योंकि उसका घर बिक चुका था और वह लड़का ढूंढते रहता है तभी उसका पुराना एक दोस्त मिल जाता है जो से पहचानता तो नहीं है मगर किसी तरह से बताता है कि मैं हूं यार और वह लड़का भी पहचान लेता है और तभी खाता है कि मेरी मां कहां है यार और बताता तुम्हारी मां या घर बेचकर कहीं और रहने लगा है जो कि मेरे को थोड़ी मोरी पता है मैं रास्ता बता देता हूं और वहां पर जाकर देखो और लड़का रास्ता बताता है कि ऐसे वहां पर जाना और जाता है तो वहां पर भी नहीं मिलता लेकिन एक आदमी मिलता है कहता है कि यहां पर यहां पर भी था मगर यहां से चली गई और तभी वह लड़का पुस्तक कहां चले गए तब वह आदमी बता देता है कि वहां चले गए और लड़का मिल जाती अपने मां अपने परिवार से और यह कहानी यहीं पर खत्म हो जाता है.

लड़का और जंगल

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